धारा 323 आईपीसी – इंडियन पीनल कोड – जानबूझ कर स्वेच्छा से किसी को चोट पहुँचाने के लिए दण्ड

323

जो भी व्यक्ति (धारा 334 में दिए गए मामलों के सिवा) जानबूझ कर किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या एक हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों के साथ दंडित किया जा सकता है।

लागू अपराध
जानबूझ कर स्वेच्छा से किसी को चोट पहुँचाना
सजा – 1 वर्ष कारावास या एक हजार रुपए जुर्माना या दोनों

यह एक जमानती, गैर-संज्ञेय अपराध है और किसी भी न्यायाधीश द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध पीड़ित / चोटिल व्यक्ति द्वारा समझौता करने योग्य है।

इसके साथ ही अगर कोई शख्स किसी पर अटैक करें इस कारण जान को खतरा हो जाए . लेकिन आरोपी की नियत जान लेने की नहीं थी, तो फिर गैर इरादतन हत्या की कोशिश या नहीं आईपीसी की सेक्शन 308 के तहत कैसे होता है | दोषी पाए जाने पर इसमें ज्यादा से ज्यादा 7 साल की कैद हो सकती है |

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तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में आपने जाना आईपीसी सेक्शन 323 , 324 , 325 , 326 के बारे में साथ- साथ ही अपना जाना 307 और 308 के बारे में भी . आप सभी को यदि हमारा यह अच्छा लगा हो तो प्लीज मुझे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताइएगा और लाइक भी जरूर करेगा| धन्यवाद |

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